PAN-Aadhaar Link का डेडलाइन खत्म: नया साल 2026 शुरू हो चुका है और इसके साथ ही कई लोगों के मन में एक ही सवाल घूम रहा है अगर पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं किया तो अब क्या होगा?
बीते साल 2025 में सरकार ने कई जरूरी कामों की डेडलाइन तय की थी, जिनमें सबसे अहम था पैन कार्ड और आधार कार्ड को लिंक करना। बहुत से लोगों ने इसे समय रहते पूरा कर लिया, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिनका पैन-आधार लिंक नहीं हुआ है।
अगर आप भी उन्हीं लोगों में से हैं, तो यह लेख आपके लिए बहुत जरूरी है। यहां हम बिल्कुल आसान, आम बोलचाल की भाषा में समझेंगे कि डेडलाइन के बाद क्या स्थिति है, पैन कार्ड कैसे इनऑपरेटिव होता है, इसका क्या असर पड़ेगा और आप अपना स्टेटस कैसे चेक कर सकते हैं।
Table of Contents
पैन और आधार लिंक करना क्यों जरूरी है?
पैन कार्ड और आधार कार्ड आज के समय में हमारी पहचान और वित्तीय लेन-देन का आधार बन चुके हैं। सरकार का मकसद इन दोनों दस्तावेजों को जोड़ने के पीछे यह है कि टैक्स सिस्टम पारदर्शी बने और फर्जी पैन कार्ड पर रोक लगे।
जब पैन और आधार लिंक रहते हैं, तो सरकार को यह पता रहता है कि एक व्यक्ति एक ही पहचान से टैक्स और निवेश से जुड़े काम कर रहा है। इसी वजह से सरकार ने इसे अनिवार्य कर दिया था।
31 दिसंबर 2025 की डेडलाइन क्यों अहम थी?
सरकार की ओर से साफ तौर पर कहा गया था कि 31 दिसंबर 2025 तक पैन और आधार को लिंक कराना जरूरी है। इस तारीख के बाद कोई नई छूट या तारीख बढ़ाने का ऐलान नहीं किया गया।
अब जब 1 जनवरी 2026 आ चुका है, तो जिन लोगों ने यह काम नहीं किया, उनके पैन कार्ड पर सीधा असर पड़ सकता है। फिलहाल सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक राहत की घोषणा नहीं हुई है।
पैन कार्ड इनऑपरेटिव होने का क्या मतलब है?
जब कहा जाता है कि पैन कार्ड इनऑपरेटिव हो गया है, तो इसका मतलब यह नहीं कि आपका पैन नंबर खत्म हो गया। इसका सीधा अर्थ है कि आप उस पैन कार्ड का इस्तेमाल किसी भी जरूरी वित्तीय या टैक्स से जुड़े काम में नहीं कर पाएंगे।
इनऑपरेटिव पैन कार्ड लगभग उसी तरह हो जाता है जैसे आपके पास पैन कार्ड है ही नहीं। जब तक आप उसे दोबारा एक्टिव नहीं कराते, तब तक वह किसी काम का नहीं रहता।
कैसे पता करें कि आपका पैन कार्ड चालू (Active) है या नहीं?
अगर आपको जरा सा भी शक है कि आपका पैन कार्ड काम कर रहा है या नहीं, तो इसे चेक करना बहुत आसान है। इसके लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है, बस मोबाइल या लैपटॉप से कुछ मिनटों में स्टेटस पता चल सकता है।
अगर आपका पैन कार्ड इनऑपरेटिव हो गया है, तो इसका असर आपकी रोजमर्रा की फाइनेंशियल लाइफ पर पड़ सकता है। सबसे पहली परेशानी तो टैक्स से जुड़ी होगी। आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं कर पाएंगे।
अगर पहले से कोई टैक्स रिफंड अटका हुआ है, तो वह भी आपको नहीं मिलेगा। इसके अलावा बैंक से जुड़े कई कामों में रुकावट आ सकती है। बड़ी रकम का लेन-देन, नया बैंक अकाउंट खोलना या केवाईसी अपडेट कराना मुश्किल हो सकता है।
म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार और दूसरे निवेशों में भी पैन कार्ड की जरूरत पड़ती है। इनऑपरेटिव पैन होने पर आप न तो नया निवेश कर पाएंगे और न ही पुराने निवेश से जुड़ा कोई जरूरी बदलाव कर पाएंगे।
साथ ही, टीडीएस कटने की समस्या भी आ सकती है। कई मामलों में ज्यादा टीडीएस कट जाता है, जिसे बाद में क्लेम करना भी मुश्किल हो जाता है।
क्या अब भी पैन कार्ड दोबारा एक्टिव हो सकता है?
बहुत से लोग घबरा जाते हैं कि अगर पैन इनऑपरेटिव हो गया तो अब कुछ नहीं हो सकता। लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आपने अब तक पैन-आधार लिंक नहीं किया है, तो भी आप इसे लिंक कराकर पैन कार्ड को दोबारा एक्टिव करा सकते हैं।
हालांकि, इसमें आपको जुर्माना या फीस देनी पड़ सकती है, जिसकी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट समय-समय पर देता है। लिंकिंग के बाद कुछ समय में आपका पैन कार्ड फिर से चालू हो सकता है।
अभी आपको क्या करना चाहिए?
सबसे पहले बिना देर किए यह चेक करें कि आपका पैन कार्ड एक्टिव है या नहीं। अगर स्टेटस इनऑपरेटिव दिखता है, तो तुरंत पैन-आधार लिंक कराने की प्रक्रिया शुरू करें।
आज के समय में ज्यादातर काम ऑनलाइन हो जाते हैं, इसलिए यह प्रक्रिया ज्यादा मुश्किल नहीं है। जितनी जल्दी आप यह काम करेंगे, उतनी जल्दी आप आने वाली परेशानियों से बच पाएंगे।