घर लेना हर परिवार का सपना होता है। कोई अपने बच्चों के लिए सुरक्षित भविष्य चाहता है, तो कोई किराए के झंझट से छुटकारा पाना चाहता है। लेकिन सच यह भी है कि आज के समय में ज्यादातर लोग घर खरीदने के लिए होम लोन पर ही निर्भर रहते हैं। ऐसे में अगर आप भी घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहला सवाल यही आता है कौन सा बैंक सबसे सस्ता होम लोन दे रहा है?
होम लोन लेते समय सिर्फ सबसे कम ब्याज दर सुनकर फैसला कर लेना सही नहीं होता। अलग-अलग बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां अलग दरों और शर्तों पर लोन देती हैं। आपकी आय, नौकरी, क्रेडिट स्कोर और प्रोफाइल के आधार पर असली ब्याज दर तय होती है। इसलिए सही तुलना करना बहुत जरूरी है।
फरवरी 2026 में कई सरकारी बैंक, प्राइवेट बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां अलग-अलग ब्याज दरों पर होम लोन दे रही हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि कहां कितनी दरें चल रही हैं और आपके लिए क्या बेहतर हो सकता है।
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सरकारी बैंकों की होम लोन ब्याज दरें
सरकारी बैंकों की खासियत यह होती है कि इनकी ब्याज दरें अक्सर प्रतिस्पर्धी होती हैं और शर्तें अपेक्षाकृत पारदर्शी रहती हैं। नीचे प्रमुख सरकारी बैंकों की दरें दी गई हैं:
| बैंक का नाम | ब्याज दर (प्रतिवर्ष) |
|---|---|
| Bank of India | 7.10% – 10.25% के बीच |
| Bank of Maharashtra | 7.10% – 9.90% के बीच |
| Central Bank of India | 7.10% – 9.15% के बीच |
| Indian Overseas Bank | 7.10% से शुरू |
| Union Bank of India | 7.15% – 9.50% के बीच |
| UCO Bank | 7.15% – 9.25% के बीच |
| Indian Bank | 7.15% – 9.55% के बीच |
इन दरों को देखकर साफ है कि कुछ सरकारी बैंक 7.10% से ही होम लोन देना शुरू कर रहे हैं। लेकिन यह शुरुआती दर आमतौर पर उन्हीं ग्राहकों को मिलती है जिनका क्रेडिट स्कोर 750 या उससे अधिक होता है और जिनकी आय स्थिर व अच्छी होती है।
प्राइवेट बैंकों की होम लोन ब्याज दरें
प्राइवेट बैंक अक्सर तेज प्रोसेसिंग, बेहतर डिजिटल सुविधा और कस्टमर सर्विस के लिए जाने जाते हैं। हालांकि कई बार इनकी ब्याज दरें सरकारी बैंकों से थोड़ी ज्यादा हो सकती हैं।
| बैंक का नाम | ब्याज दर (प्रतिवर्ष) |
|---|---|
| ICICI Bank | 7.45% से शुरू |
| HSBC Bank | 7.45% से शुरू |
| Federal Bank | 7.50% – 9.50% |
| Kotak Mahindra Bank | 7.70% से शुरू |
| HDFC Bank | 7.75% से शुरू |
| South Indian Bank | 7.80% से शुरू |
| Tamilnad Mercantile Bank | 7.90% – 9.30% के बीच |
| Axis Bank | 8.00% – 11.90% के बीच |
अगर आप तेज अप्रूवल और कम कागजी प्रक्रिया चाहते हैं, तो प्राइवेट बैंक एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। लेकिन ब्याज दर और अन्य चार्ज जरूर जांच लें।
हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की ब्याज दरें
बैंक के अलावा कई हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां भी होम लोन देती हैं। खासकर उन लोगों के लिए जिनकी प्रोफाइल थोड़ी अलग होती है, जैसे सेल्फ-एम्प्लॉयड व्यक्ति।
| कंपनी का नाम | ब्याज दर (प्रतिवर्ष) |
|---|---|
| LIC Housing Finance | 7.15% से शुरू |
| Bajaj Housing Finance | 7.15% से शुरू |
| ICICI Home Finance | 7.50% से शुरू |
| PNB Housing Finance | 7.50% से शुरू |
| Tata Capital | 7.50% से शुरू |
| Godrej Housing Finance | 7.60% से शुरू |
| Aditya Birla Capital | 7.75% से शुरू |
इन कंपनियों की खासियत यह होती है कि ये लचीले तरीके से लोन देती हैं। लेकिन ब्याज दर आपकी प्रोफाइल पर निर्भर करती है।
सबसे सस्ता होम लोन किसका है?
अगर केवल शुरुआती दर देखें, तो कुछ सरकारी बैंक 7.10% से होम लोन दे रहे हैं। वहीं कुछ हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां 7.15% से शुरुआत कर रही हैं। लेकिन सबसे सस्ता वही होगा जो आपकी प्रोफाइल के हिसाब से कम दर ऑफर करे।
मान लीजिए दो बैंक 7.10% और 7.50% की दर दे रहे हैं। अगर आपका क्रेडिट स्कोर 800 है और बैंक A आपको 7.20% पर लोन दे देता है, जबकि बैंक B आपको 7.60% देता है, तो बैंक A आपके लिए सस्ता है भले ही दोनों की शुरुआती दर अलग हो।
होम लोन लेने से पहले क्या जरूर समझें?
होम लोन 15 से 30 साल तक चल सकता है। इसलिए जल्दबाजी में फैसला न करें। सिर्फ विज्ञापन में दिख रही कम दर देखकर लोन न लें। कई बार प्रोसेसिंग फीस, लीगल चार्ज, टेक्निकल चार्ज और अन्य शुल्क मिलाकर कुल खर्च ज्यादा हो सकता है।
आपका क्रेडिट स्कोर बेहद महत्वपूर्ण है। 750 या उससे ज्यादा स्कोर होने पर आपको बेहतर दर मिल सकती है। अगर स्कोर कम है, तो पहले उसे सुधारने की कोशिश करें।
फ्लोटिंग ब्याज दर का मतलब है कि दर समय-समय पर बदल सकती है। यह बदलाव आरबीआई की नीतियों और बैंक की आंतरिक दरों पर निर्भर करता है। इसलिए रीसेट साइकिल समझना जरूरी है। कुछ बैंक हर 3 महीने में दर बदलते हैं, तो कुछ 6 या 12 महीने में।
ईएमआई पर कितना फर्क पड़ता है?
मान लीजिए आप 30 लाख रुपये का लोन 20 साल के लिए लेते हैं। अगर ब्याज दर 7.10% है और दूसरी जगह 7.60% है, तो ईएमआई में हर महीने सैकड़ों से लेकर हजार रुपये तक का फर्क आ सकता है। लंबे समय में यह फर्क लाखों रुपये की बचत या अतिरिक्त भुगतान में बदल सकता है।
इसलिए छोटी सी दर का अंतर भी नजरअंदाज न करें।
सरकारी बैंक या प्राइवेट बैंक किसे चुनें?
अगर आप स्थिरता और थोड़ी कम दर चाहते हैं, तो सरकारी बैंक बेहतर विकल्प हो सकते हैं। अगर आप तेज प्रोसेसिंग, डिजिटल सुविधा और बेहतर कस्टमर अनुभव चाहते हैं, तो प्राइवेट बैंक भी अच्छे हैं। वहीं अगर आपकी आय का स्वरूप अलग है या दस्तावेज सामान्य से अलग हैं, तो हाउसिंग फाइनेंस कंपनी मददगार हो सकती है।
सबसे जरूरी बात यह है कि आप कम से कम 3–4 बैंकों की तुलना जरूर करें।